
नई दिल्ली:जंतर-मंतर पर आज़म ख़ान को न्याय दिलाने की मांग, सपा का विशाल धरना-प्रदर्शन
ओम प्रकाश प्रजापति संस्थापक/सम्पादक
डॉ. इम्तियाज़ अहमद उप- सम्पादक
उत्तरशक्ति हिन्दी दैनिक, जौनपुर ( उत्तर प्रदेश )
नई दिल्ली:जंतर-मंतर पर आज़म ख़ान को न्याय दिलाने की मांग, सपा का विशाल धरना-प्रदर्शन
जौनपुर ( उत्तरशक्ति )। नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर रविवार को समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म ख़ान एवं उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक जौनपुर सदर मोहम्मद अरशद खान ने किया, जबकि संचालन लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव हारिश शकील अंसारी ने किया।
धरने में देशभर से आए समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मोहम्मद आज़म ख़ान और उनके परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की गई है, जो लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
धरना समाप्त होने के बाद महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि आज़म ख़ान, उनके परिवार और मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी मुकदमों को उत्तर प्रदेश से बाहर स्थानांतरित किया जाए ताकि निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित हो सके। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर लगभग 350 मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने रामपुर जेल में बंद मोहम्मद आज़म ख़ान और अब्दुल्लाह आज़म ख़ान को मानवीय आधार पर प्रथम श्रेणी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
अपने संबोधन में मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि समाजवादी आंदोलन हमेशा अन्याय और दमन के खिलाफ संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि आज़म ख़ान केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूत आवाज हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष की आवाज को मुकदमों और दमन के जरिए दबाने की कोशिश की गई तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा होगा।
धरना-प्रदर्शन में आसिम राजा, अजय सागर, सतनाम सिंह मट्टू, डॉ. मो. नासिर खान, अशफाक हुसैन मेकरानी, लता सागर, आसिफ नियाज़ी, फातिमा जबीं, चौधरी चन्द्रपाल सिंह, डॉ. नईम कमरुद्दीन समेत बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें लोगों ने संविधान और न्याय की रक्षा का संकल्प लिया।






















