
जौनपुर:चकबंदी में भारी अनियमितता का आरोप, ग्राम कैलावर के काश्तकारों में आक्रोश
जौनपुर:चकबंदी में भारी अनियमितता का आरोप, ग्राम कैलावर के काश्तकारों में आक्रोश
धारा 52 के प्रकाशन से पहले ही मनमानी, छोटे-छोटे अनुपयोगी चक बांटने का आरोप
जौनपुर ( उत्तरशक्ति )। तहसील मड़ियाहूं क्षेत्र के ग्राम सभा कैलावर में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर काश्तकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्राम सभा के समस्त काश्तकारों ने जिलाधिकारी जौनपुर को सामूहिक शिकायत पत्र देकर चकबंदी कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
काश्तकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश चकबंदी अधिनियम की धारा 52 का अब तक विधिवत प्रकाशन नहीं हुआ है, इसके बावजूद संबंधित चकबंदी अधिकारियों द्वारा धारा 52 के प्रकाशन की प्रक्रिया को जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है। आरोप है कि चकबंदी के मूल उद्देश्य को ताक पर रखकर किसानों को बेहद छोटे-छोटे, बिखरे और अनुपयोगी चक दे दिए गए हैं। कई किसानों को मात्र 9 एअर, 10 एअर और 20 एअर जैसे चक आवंटित किए गए हैं, जो खेती के लिए पूरी तरह अव्यवहारिक हैं।
काश्तकारों ने बताया कि चकबंदी का उद्देश्य छोटे व बिखरे खेतों को समाप्त कर बड़े, समेकित और उपयोगी चक देना है, ताकि कृषि कार्य सुचारु रूप से हो सके, लेकिन ग्राम कैलावर में ठीक इसके विपरीत कार्य किया जा रहा है। स्थिति यह है कि ग्राम सभा में दर्जनों आपत्तियां और वाद अब भी लंबित हैं, जिनका निस्तारण किए बिना ही अभिलेखों में 41/45 की प्रविष्टियां कर दी गई हैं। अधिकांश काश्तकारों को न तो इसकी विधिवत सूचना दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई।
बाग और आबादी का गलत मूल्यांकन, किसानों को भारी नुकसान
काश्तकारों ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 90, 106, 121, 122, 492, 493, 494, 495 व 526 में स्थित बागों का गलत तरीके से मूल्यांकन किया गया है, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है। वहीं गाटा संख्या 425, जो आबादी की भूमि है और जिस पर मकान बने हुए हैं, उसका भी गलत मूल्यांकन कर दिया गया है। इसके साथ ही कई काश्तकारों को 41 व 45 की प्रतियां तक उपलब्ध नहीं कराई गईं।
धारा 52 का प्रकाशन हुआ तो होगी अपूरणीय क्षति
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वर्तमान स्थिति में धारा 52 का प्रकाशन कर दिया गया तो समस्त काश्तकारों को अपूरणीय क्षति होगी और पूरी चकबंदी प्रक्रिया अपने उद्देश्य से भटक जाएगी। इससे गांव में असंतोष और अविश्वास का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ग्राम सभा कैलावर में धारा 52 का प्रकाशन तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए, सभी लंबित आपत्तियों व वादों का निष्पक्ष व पारदर्शी निस्तारण कराया जाए तथा छोटे-छोटे और अनुपयोगी चकों को समाप्त कर किसानों को बड़े, समेकित और व्यवहारिक चक दिए जाएं। साथ ही चकबंदी प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र हस्तक्षेप करेगा और ग्राम सभा कैलावर के काश्तकारों को न्याय दिलाएगा।




