
सपा विधायक पंकज पटेल ने सदन में उठाया कैंसर की बीमारी का मुद्दा
कैंसर को लेकर स्वास्थ्य मंत्री गंभीर नहीं : पंकज पटेल
सपा विधायक पंकज पटेल ने सदन में उठाया कैंसर की बीमारी का मुद्दा
खुलेआम हो रही दोहरे की बिक्री, गुटखा, पान मसाला और कीटनाशक पर प्रतिबंध लगाने की मांग
जौनपुर ( उत्तरशक्ति ) । मुंगरा बादशाहपुर के सपा विधायक पंकज पटेल ने सोमवार को विधानसभा में भारत में तेजी से बढ़ रहे कैंसर की बीमारी का मुद्दा उठाया। विधायक ने इस बीमारी को लेकर प्रदेश सरकार की नाकामी पर प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया।
विधायक ने कहा कि कैंसर को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और उनकी सरकार बिल्कुल गंभीर नहीं है। भारत में उत्तर-प्रदेश दुनिया की नई कैंसर राजधानी बन चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा कैंसर के मामले भारत में, देश में उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश में जौनपुर कैंसर के मामले में पूरे प्रदेश में अव्वल है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के मुताबिक 2017 में 1.3 लाख, 2019 में 1.96 लाख, 2020 में 2.01 लाख, 2021 में 2.06, 2022 में 2.10 और 2024 में 2.21 लाख कैंसर के मरीजों की संख्या थी। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार कैंसर की बीमारी को लेकर गंभीर होती तो यह समस्या सामने न आती। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव की सपा सरकार ने लखनऊ में 1200 बेड वाले कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की थी जिसे सरकार बेहतर ढंग से संचालित नहीं कर सकी।
इसके चलते कैंसर के मरीज बढ़ते गए। विधायक ने कहा कि तीन प्रकार के कैंसर हैं सर्वाइकल, चेस्ट और माउथ। यदि एचपीवी वैक्सीन समय से छात्राओं को लगी होती तो 50 से 70 फ़ीसदी समस्या दूर हो चुकी होती। समय पर स्क्रीनिंग, नेमोग्राफी या अल्ट्रासाउंड कराया गया होता तो यह समस्या दूर हो सकती थी। उन्होंने जौनपुर में खुलेआम दोहरे की बिक्री पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार इसे ठीक करने के लिए रेडियोथैरेपी जरूरी है जिसके लिए 10 लाख की जनसंख्या पर एक मशीन होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 24 करोड़ की जनसंख्या के लिए 240 मशीनों की आवश्यकता है जबकि 19 से 20 मशीनें ही उपलब्ध हैं। उन्होंने सदन में सरकार के समक्ष तीन अनुपूरक प्रश्न पूछे। इनमें से पहला प्रत्येक छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन लगाने पर विचार करने, दूसरा तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और हानिकारक कीट नाशक पर प्रतिबंध लगाने तथा डबल्यूएचओ के अनुसार रेडियोथैरेपी की मशीनों को स्थापित करने को लेकर सरकार से जवाब मांगा।







