
जौनपुर: गली बंद करने को लेकर बवाल, दबंगों ने पति-पत्नी पर किया हमला, मोबाइल भी छीना—गांव में दहशत
जौनपुर: गली बंद करने को लेकर बवाल, दबंगों ने पति-पत्नी पर किया हमला, मोबाइल भी छीना—गांव में दहशत
मो. असलम खान
केराकत, जौनपुर ( उत्तरशक्ति )। थाना क्षेत्र के धरौरा गांव में रास्ता बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद मंगलवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि गांव के तीर्थराज दुबे एवं उनके परिवारजन उस 10 फीट की गली को ईंटों से पाटकर बंद कर रहे थे, जो पवन दुबे के आवागमन के लिए छोड़ी गई थी। जब पवन दुबे ने इसका विरोध किया, तो बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक जा पहुँची।
पथराव और लाठी-डंडों से हमला, पवन दुबे गंभीर घायल
विरोध करने पर तीर्थराज दुबे के पक्ष के करीब आधा दर्जन पुरुष-महिलाओं ने अचानक ईंट, पत्थर और लाठी-डंडों से पवन दुबे व उनके परिवार पर हमला कर दिया। हमले में पवन दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं पथराव के दौरान तीर्थराज दुबे को भी चोटें आईं, जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
महिला का मोबाइल छीना, वीडियो बनाने पर बरपा गुस्सा मामले की वीडियो बना रही पवन दुबे की पत्नी प्रियंका दुबे का मोबाइल फोन हमलावरों ने छीन लिया। प्रियंका ने बताया कि दबंग पक्ष लगातार धमकी दे रहा था और उनके परिवार को जान-माल का खतरा बना हुआ है।
पुलिस पहुँची, लेकिन मुख्य आरोपी फरार
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल पवन दुबे को थाने ले गई। लेकिन मुख्य आरोपी तीर्थराज दुबे घटनास्थल से फरार हो गए, जिससे ग्रामीणों में और ज्यादा रोष फैल गया।
तीन घंटे बाद फिर हमला, घर में घुसने की कोशिश
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। करीब तीन घंटे बाद तीर्थराज दुबे के ससुराल पक्ष से कई युवक धरौरा गांव पहुंचे और पवन दुबे के घर पर दूसरा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने प्रियंका दुबे को घर के भीतर घुसकर पीटने का प्रयास किया, लेकिन पड़ोसियों के घेराबंदी करने से वे भागने में सफल हो गए।
भारी पुलिस बल तैनात, महिलाओं के बयान दर्ज
दूसरी घटना के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस ने प्रियंका दुबे और उनकी सास को बयान दर्ज करने के लिए थाने बुलाया है। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग—सख्त कार्रवाई हो
लगातार दो हमलों और बढ़ती गुंडागर्दी से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इलाके में शांति बहाल हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।







