
जौनपुर:खेतासराय। शिक्षा का दीप जलाकर बदली हजारों जिंदगियां, 27 वर्षों से जारी है मिशन
जौनपुर:खेतासराय। शिक्षा का दीप जलाकर बदली हजारों जिंदगियां, 27 वर्षों से जारी है मिशन
डॉ. इम्तियाज अहमद उप सम्पादक
(उत्तरशक्ति हिन्दी दैनिक)
जौनपुर (उत्तरशक्ति)।जहां एक ओर आज के समय में शिक्षा का क्षेत्र तेजी से व्यवसाय का रूप लेता जा रहा है, वहीं जौनपुर जनपद के शाहगंज क्षेत्र के निकट खेतासराय स्थित मॉर्डन कॉन्वेंट स्कूल एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है। इस संस्थान के प्रबंधक एवं समाजसेवी डॉ. आबिद खान पिछले 27 वर्षों से निस्वार्थ भाव से शिक्षा की अलख जगा रहे हैं और हजारों जरूरतमंद बच्चों के जीवन को नई दिशा दे चुके हैं।
साल 1999 में एक छोटे से प्रयास के रूप में शुरू हुआ यह मिशन आज क्षेत्र में शिक्षा का मजबूत केंद्र बन चुका है। उस समय ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता काफी कम थी, लेकिन डॉ. आबिद खान ने इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए लोगों को शिक्षा का महत्व समझाया और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का अभियान शुरू किया।
गरीबों के लिए बना वरदान
डॉ. आबिद खान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया। विद्यालय द्वारा इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाता है। आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई से दूर रहने वाले बच्चों के लिए यह स्कूल किसी वरदान से कम नहीं है।
यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुके कई छात्र आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और अधिवक्ता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रहे हैं और अपने परिवार व जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
समाज की सोच में बदलाव
ग्रामीण परिवेश में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना आसान नहीं था, लेकिन डॉ. आबिद खान ने अपने समर्पण और दृढ़ संकल्प से इसे संभव कर दिखाया। उन्होंने केवल एक विद्यालय की स्थापना नहीं की, बल्कि समाज की सोच को बदलने का भी कार्य किया है।
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उत्तरशक्ति हिन्दी दैनिक के उप संपादक डॉ. इम्तियाज अहमद से बातचीत में डॉ. आबिद खान ने बताया कि उनके विद्यालय से पढ़े छात्र-छात्राएं आज स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और न्यायपालिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और समाज में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं।
प्रेरणा का स्रोत
जहां एक तरफ शिक्षा को व्यवसाय बना दिया गया है, वहीं दूसरी ओर डॉ. आबिद खान जैसे समाजसेवी आज भी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी गरीब या अनाथ बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। जिन बच्चों के माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं, उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी भी उन्होंने अपने कंधों पर उठाई है और उन्हें निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
डॉ. आबिद खान का जीवन यह संदेश देता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और नीयत नेक हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा परिवर्तन संभव है। उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है और शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करता है।






















