
केराकत के रियांश हास्पिटल पर पड़ा देर शाम छापा, किया गया सील।
केराकत के रियांश हास्पिटल पर पड़ा देर शाम छापा, किया गया सील।
जांच में अस्पताल संचालक न तो वैध रजिस्ट्रेशन दिखा सखा नतो वहां तैनात स्टाफ के पास कोई मेडिकल डिग्री।
क्या शेष बचे अवैध अस्पतालों को भी किया जायेगा सील
अवैध अस्पताल संचालकों में मची अफरातफरी।
केराकत ,जौनपुर ( उत्तरशक्ति )। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को देर शाम केराकत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप स्थित रियांश हॉस्पिटल पर छापा मार कर उसे सील कर दिया गया। जांच के दौरान अस्पताल संचालक न तो वैध रजिस्ट्रेशन दिखा सका और न ही वहां तैनात स्टाफ के पास कोई मेडिकल डिग्री पाई गई। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक सिंह और डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि इस अस्पताल को पहले ही तीन बार नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे गए थे लेकिन संचालक ने विभाग को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सोमवार शाम को देर शाम को पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने अस्पताल परिसर की जांच की और खामियां मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा बिना अनुमति के अस्पताल का संचालन किया गया तो संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। टीम में डॉ. अरुण कुमार कनौजिया और स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जौनपुर जिले में केवल 230 अस्पताल ही पंजीकृत हैं। वहीं अगर बात की जाये केराकत तहसील क्षेत्र के इर्द-गिर्द अवैध अस्पतालों का बोलबाला है। यातो यूं कहें कि अवैध अस्पतालों की बाढ़ आ गई है। आये दिन लोगों की जिन्दगियों से खिलवाड़ किया जा रहा है। सुत्र बताते हैं कि यदि अवैध अस्पतालों की जांच की जाये तो 230 से अधिक बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध तरीके के केराकत तहसील क्षेत्र अन्तर्गत अवैध अस्पतालों को चलाया जा रहा है। यह बहुत ही गंभीर प्रश्न है। इसपर लोगों ने उत्तर प्रदेश सरकार से लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से गहनता से जांच कर कार्यवाही करनें की ज़रूरत है। ताकि कुकुर मुत्तो के तरीके से खुले अवैध अस्पतालों को कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए बचे हुए तमाम अवैध अस्पतालों की बन्द कराया जाये? ताकि गरीबों के जान के साथ खिलवाड़ न हो सके और उसकी जांन बचाई जा सके।
सोमवार देर शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब केराकत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सटे रियांश हास्पिटल जैसे ही छापा मार कर अवैध अस्पताल को सील किया गया। कि सूचना मिलते ही अन्य अवैध अस्पतालों के संचालकों नें अपनी अपनी दुकान का सटर गिराकर गायब हो गये। मंगलवार को भी अवैध अस्पतालों के संचालकों में अफरातफरी मची हुई थी। और अपने अपने अवैध अस्पतालों को बन्द करके गायब रहे। अब देखना यह है कि क्या शेष बचे अवैध अस्पतालों को भी सील किया जायेगा या नहीं,













