
आजमगढ़ में स्टांप चोरी का बड़ा खुलासा: 611 लेखपत्रों में मिली गड़बड़ी, 5.22 करोड़ से अधिक की चोरी पकड़ी गई
आजमगढ़ में स्टांप चोरी का बड़ा खुलासा: 611 लेखपत्रों में मिली गड़बड़ी, 5.22 करोड़ से अधिक की चोरी पकड़ी गई
डीएम व अधिकारियों की जांच में सामने आई अनियमितताएं, सभी मामलों में स्टांप वाद दर्ज
बूढ़नपुर और मार्टीनगंज तहसील में सर्वाधिक गड़बड़ी, परती जमीन दिखाकर भवनों का कराया गया बैनामा
आजमगढ़ ( उत्तरशक्ति )। जनपद की आठों तहसीलों में अप्रैल 2025 से अब तक हुई जमीन की 2359 रजिस्ट्रियों के अभिलेखों की जांच में बड़े पैमाने पर स्टांप चोरी का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान 611 लेखपत्रों में कमियां पाई गईं, जिनमें कुल 5 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की स्टांप शुल्क चोरी पकड़ी गई है। इस संबंध में एआईजी स्टांप की ओर से सभी 611 लेखपत्रों पर स्टांप चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। स्टांप चोरी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा स्वयं 50 लेखपत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इनमें 36 लेखपत्र सही पाए गए, जबकि 14 में गड़बड़ी मिली। इन 14 मामलों में 13.46 लाख रुपये की स्टांप चोरी सामने आई। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने 65 लेखपत्रों की जांच की, जिनमें 56 सही पाए गए और नौ मामलों में 16.31 लाख रुपये की चोरी पकड़ी गई। सहायक महानिरीक्षक निबंधन द्वारा 556 लेखपत्रों की जांच में 399 सही मिले, जबकि 112 लेखपत्रों में 1 करोड़ 1.85 लाख रुपये की स्टांप चोरी उजागर हुई। जांच में सामने आया कि कई मामलों में भवनयुक्त भूमि को परती दिखाकर बैनामा कराया गया, जबकि कुछ मामलों में लीज पर ली गई जमीन में कम स्टांप शुल्क लगाया गया। सभी मामलों में स्टांप वाद दाखिल कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तहसीलवार स्थिति : उपनिबंधक कार्यालयों की जांच में निम्न स्थिति सामने आई— सदर: 249 निरीक्षण, 47 में कमी, 82,09,777 रुपये की चोरी, सगड़ी: 234 निरीक्षण, 32 में कमी, 68,24,940 रुपये की चोरी, फूलपुर: 195 निरीक्षण, 57 में कमी, 69,08,180 रुपये की चोरी, लालगंज: 267 निरीक्षण, 60 में कमी, 76,17,090 रुपये की चोरी, निजामाबाद: 137 निरीक्षण, 28 में कमी, 36,78,510 रुपये की चोरी, मेंहनगर: 210 निरीक्षण, 21 में कमी, 18,03,810 रुपये की चोरी, बूढ़नपुर: 243 निरीक्षण, 120 में कमी, 1,02,56,370 रुपये की चोरी, मार्टीनगंज: 269 निरीक्षण, 105 में कमी, 69,44,400 रुपये की चोरी, सबसे अधिक गड़बड़ी बूढ़नपुर और मार्टीनगंज तहसील में पाई गई।
दो प्रमुख मामलों ने खोली पोल : 22 दिसंबर 2025 को बूढ़नपुर उप निबंधक कार्यालय में दो मंजिला भवन को परती भूमि दिखाकर बैनामा कराने का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि मतलूबपुर में स्थित भवनयुक्त भूमि को ओमप्रकाश और दीपक द्वारा परती दर्शाकर आपस में विक्रय कर दिया गया, जिससे 6,52,170 रुपये की स्टांप शुल्क चोरी हुई। इस प्रकरण की जांच आख्या डीआईजी स्टांप को भेजी गई है। वहीं 28 जुलाई 2025 को वाराणसी-लुंबिनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमौड़ा मैनुद्दीनपुर स्थित परियोजना में भी अनियमितता उजागर हुई। आंध्र प्रदेश की एक कंपनी ने एनएचआई के पक्ष में 40.55 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था, लेकिन वित्तीय टेंडर प्रक्रिया के दौरान मात्र 100 रुपये का स्टांप लगाया गया। अभिलेखों की जांच में इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। एआईजी स्टांप राजेश कुमार ने बताया कि लोग स्टांप शुल्क से बचने के लिए आबादी की भूमि को परती दिखाकर रजिस्ट्री करा रहे हैं। स्थलीय जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं। पकड़े गए सभी मामलों में स्टांप वाद दायर कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि स्टांप चोरी से बचें और नियमानुसार शुल्क अदा करें।














