Take a fresh look at your lifestyle.

राज्य सूचना आयोग लखनऊ ने तहसीलदार मडियाहू को सूचना न देने के आरोप में ₹25000 का लगाया जुर्माना

0 1,034

 

डॉ.इम्तियाज अहमद सिद्दिकी
सह-सम्पादक जौनपुर उत्तर प्रदेश

रियाजुल हक (उत्तरशक्ति)जिला क्राइम रिपोर्टर जौनपुर

राज्य सूचना आयोग लखनऊ ने तहसीलदार मडियाहू को सूचना न देने के आरोप में ₹25000 का लगाया जुर्माना

जौनपुर, (उत्तरशक्ति)।अपीलकर्ता रमेश चन्द्र यादव एडवोकेट ने
रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश सूचना आयोग, गोमती नगर, लखनऊ
तथा जन सूचना अधिकारी कार्या०-तहसीलदार, मडियाहूँ, जौनपुर जिला अधिकारी से सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी की उपर्युक्त शिकायत/अपील का विनिश्चय, सुनवाई कक्ष संख्या एस-6 अजय कुमार उप्रेती, मा० राज्य सूचना आयुक्त की पीठ द्वारा किया जा चुका हैजिनके द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 (1) के अधीन, जन सूचना अधिकारी पर मु० 25000 रु०/ का अर्थदण्ड अधिरोपण किया गया है।उ०प्र० सूचना का अधिकार नियमावली, 2015 के नियम 12 के अन्र्तगत पुनर्विलोकन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।जो आयोग के द्वारा दिनांक 12/02/2024 को निरस्त किया है एवं पूर्व है।आयोग के आदेश दिनांक 12/02/2024 एवं 06/06/2023 की प्रति संलग्न हो मे अधिरोपित अर्थदण्ड को यथावत रखा गया आयोग के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु पुर्व में अर्थदण्ड वसूली पत्र-पंत्राक 6931 दिनांक 23/08/2023 प्रेषित किया गया था।किन्तु अभी तक अनुपालन आख्या प्राप्त नहीं है। आयोग द्वारा पारित आदेश दिनांक 12/02/2024 एवं 06/06/2023 का आदेश सलंग्न है । उ०प्र० सूचना का अधिकार नियमावली, 2015 के तहत सम्बन्धित जनसूचना अधिकारी का नियन्त्रण प्राधिकारी होने के नाते अधिरोपित अर्थदण्ड की वसूली का उत्तरदायित्व आपका है। अतः आप उपर्युक्त आदेश का अनुपालन करते हुए सम्बन्धित तत्कालीन जन सूचना अधिकारी/कार्या० जन सूचना अधिकारी / कार्या०-तहसीलदार, तहसील मडियाहूँ, जौनपुर। के वेतन से अधिरोपित अर्थदण्ड की वसूली कराया जाना सुनिश्चित करें। उपर्युक्त अर्थदण्ड की धनराशि की कटौती आदेश में दिये गये निर्देशो के अनुसार कर के वसूल की गई धनराशि को निम्नलिखित लेखा शीर्ष में जमा करने का आदेश दिया है

Naat Download Website Designer Lucknow

Best Physiotherapist in Lucknow

Best WordPress Developer in Lucknow | Best Divorce Lawyer in Lucknow | Best Advocate for Divorce in Lucknow