
जौनपुर में ‘डेथ कॉरिडोर’ बनी सड़कें, पैदल चलना हुआ जानलेवा
जौनपुर में ‘डेथ कॉरिडोर’ बनी सड़कें, पैदल चलना हुआ जानलेव
जौनपुर ( उत्तरशक्ति )। शहर की सड़कों पर इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। शहर के दक्षिणी हिस्से में पॉलिटेक्निक चौराहे से लेकर सिटी स्टेशन ओवरब्रिज और वाजिदपुर तिराहे तक का मार्ग अब आम लोगों के लिए ‘डेथ कॉरिडोर’ बनता जा रहा है। लगातार हो रहे सड़क हादसों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है।
हाल ही में वाजिदपुर तिराहे पर सुबह के समय 70 वर्षीय जियालाल कनौजिया की ट्रक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, तीन दिन पहले पॉलिटेक्निक चौराहे पर एक ट्रेलर की टक्कर में नईगंज के पूर्व सभासद के भतीजे 20 वर्षीय शुभम यादव उर्फ आर्यन की जान चली गई। इसी स्थान पर एक और व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। इन घटनाओं ने शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों के किनारे बने फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं। उनकी जगह अवैध कब्जे और पक्के निर्माण ने ले ली है। ऐसे में पैदल चलने वाले मजबूर होकर मुख्य सड़क पर उतरते हैं, जहां तेज रफ्तार वाहनों का खतरा हर पल बना रहता है।
अतिक्रमण बना सबसे बड़ा कारण
पॉलिटेक्निक से वाजिदपुर और सिटी स्टेशन रोड तक सड़क किनारे की पटरियों पर दुकानों का विस्तार और अवैध निर्माण आम बात हो गई है। इससे पैदल यात्रियों के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
हादसों के बाद प्रशासन कुछ समय के लिए सक्रिय जरूर होता है, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। स्थायी समाधान के अभाव में लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जनता ने उठाए सवाल
लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक प्रशासन बड़ी दुर्घटना का इंतजार करेगा? अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कार्रवाई कब होगी? क्या पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी?
अगर जल्द ही अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान नहीं चलाया गया और फुटपाथों को खाली नहीं कराया गया, तो जौनपुर की सड़कों पर हादसों का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।
अब जरूरत है कागजी नहीं, जमीनी कार्रवाई की।




















