
जौनपुर: दो बाइकों की आमने सामने टक्कर में एक की मौत तीन गंभीर सड़क हादसे में बुझ गया बेल्छा गांव का चिराग:
जौनपुर: दो बाइकों की आमने सामने टक्कर में एक की मौत तीन गंभीर
सड़क हादसे में बुझ गया बेल्छा गांव का चिराग: सऊदी से लौटकर गांव में ही शुरू किया था काम,बरगुदर पुल पर हुई मौत
जौनपुर( उत्तरशक्ति ) । जिले के ग्राम पंचायत बेल्छा में बीती रात एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। बरगुदर पुल पर हुए एक भीषण एक्सीडेंट में 35 वर्षीय युवक इश्तियाक अहमद की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, खुशियों वाले घर में चीख-पुकार मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाल मोहम्मद के पुत्र इश्तियाक अहमद (35) बीती रात अपने निजी काम से बाहर गए थे। देर रात वापस लौटते समय बरगुदर पुल के पास उनका संतुलन बिगड़ गया या किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इश्तियाक अहमद अपने परिवार के लिए उम्मीद की किरण थे। वे कुल 8 भाई-बहनों (6 भाई और 2 बहन) के भरे-पूरे परिवार में पांचवें नंबर पर थे। परिजनों ने बताया कि इश्तियाक काफी समय तक सऊदी अरब में रहकर मेहनत-मजदूरी करते थे। करीब एक साल पहले ही वे अपने वतन और गांव वापस लौटे थे। उन्होंने गांव में ही रहकर मेहनत के दम पर वेल्डिंग का काम शुरू किया था ताकि अपने परिवार के करीब रह सकें। मौके पर पसरा सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।हादसे के बाद से ही मृतक के घर पर ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है। इश्तियाक की माता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में चूल्हा तक नहीं जला। मौके पर मौजूद पूर्व प्रधान प्रतिनिधि रवि यादव ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा: इश्तियाक एक बेहद मिलनसार और मेहनती युवक था। सऊदी से लौटने के बाद वह गांव की तरक्की में अपना योगदान दे रहा था। उसका इस तरह चले जाना सिर्फ एक परिवार की हानि नहीं है, बल्कि पूरे गांव के लिए एक व्यक्तिगत दुख है।।बरगुदर पुल पर आए दिन होने वाले हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता भी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में पुल के पास पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा संकेतों की कमी के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इश्तियाक की मौत से बेल्छा गांव ने अपना एक होनहार बेटा खो दिया है।




