इस धरती पर पाप अगर ऐसे ही बढ़ता जाएगा , कैसे कोई बाप फिर डॉक्टर बेटी को बनाएगा !
इंसाफ करो(गीत)
इस धरती पर पाप अगर ऐसे ही बढ़ता जाएगा ,
कैसे कोई बाप फिर डॉक्टर बेटी को बनाएगा !
इंसाफ करो, इंसाफ करो
सपने कितने संजोए थे, रातें कितनी न सोए थे
खून का कतरा क़तरा दे माला में फूल पिरोये थे ।
सोचा था होगा जीवन में…