
मानीकलाँ में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, 150 से अधिक स्वयंसेवकों ने किया शस्त्र पूजन
मानीकलाँ में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, 150 से अधिक स्वयंसेवकों ने किया शस्त्र पूजन
घोष की गूंज के बीच अनुशासनबद्ध कदमताल, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर नगरवासियों ने किया स्वागत
मानीकलाँ, जौनपुर ( उत्तरशक्ति )। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 101वें वर्ष के उपलक्ष्य में सोंधी खंड की ओर से मानीकलाँ में भव्य शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 150 से अधिक पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। घोष की मधुर धुनों के बीच स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल ने पूरे क्षेत्र में आकर्षण का माहौल बना दिया। पथ संचलन के दौरान विभिन्न स्थानों पर नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शैलेन्द्र जी ने शस्त्र पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में शक्ति और संयम का विशेष महत्व है। उन्होंने भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध से पूर्व शक्ति पूजा तथा मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए समाज में शक्ति, संगठन और आत्मबल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए अनुशासन, एकता तथा सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।
मुख्य वक्ता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और विचारों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संघ की 101 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए समाज निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका तथा सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों से जुड़े ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों को अपनाने का आह्वान किया।
घोष की धुनों ने बांधा समां
कार्यक्रम का संचालन मुख्य शिक्षक देवेंद्र ने किया। भास्कर तिवारी ने प्रार्थना, ओम ने अमृत वचन तथा संदीप और शुभम ने गणगीत प्रस्तुत किया। हृदय नारायण के एकल गीत ने उपस्थित स्वयंसेवकों में उत्साह का संचार किया। ध्वज वाहक का दायित्व अमित ने निभाया। वहीं अवधेश , हरिओम , अर्जुन, विक्की और कृष्ण मुरारी ने गण शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
जिला घोष प्रमुख मुकेश जी के नेतृत्व में अवनीश , सक्षम सहित अन्य घोष वादकों ने अनुशासित धुनें प्रस्तुत कीं। घोष की गूंज के बीच स्वयंसेवकों की कदमताल ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
इन प्रमुख मार्गों से निकला पथ संचलन
शस्त्र पूजन के बाद शाम 5:30 बजे गंगा चबूतरा (गांधी चबूतरा) स्थित रामलीला मैदान से पथ संचलन प्रारंभ हुआ। स्वयंसेवकों का दल श्रीराम जानकी मंदिर, सदर बाजार, डीह बाबा, कच्चा पोखरा, रविदास चौक, एजेंसी चौराहा, अंबेडकर चौक (पुलिस चौकी) और पुरानी यूनियन बैंक मार्ग से गुजरते हुए शाम करीब 6:30 बजे पुनः रामलीला मैदान पहुंचा, जहां संचलन का समापन हुआ।
पथ संचलन के मार्ग में जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।
कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका, पुलिस रही मुस्तैद
कार्यक्रम के सफल आयोजन में खंड कार्यवाह अखिलेश , सह मंडल कार्यवाह रमेश , खंड संघचालक सर्वेश , अशोक , आदेश चंद्र , साहुल, रौनक, विवेक और विपिन सहित अनेक कार्यकर्ताओं का योगदान रहा।
कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। मानीकलाँ चौकी इंचार्ज शैलेन्द्र राय के नेतृत्व में खेतासराय थाने के एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। आयोजन के समापन के साथ ही स्वयंसेवकों और आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले नगरवासियों एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।









