
जौनपुर:मतदाता सूची से मुस्लिमों का नाम कटवाना चाहती है भाजपा: ललई शाहगंज स्थित एक निजी होटल में हुई प्रेस वार्ता
जौनपुर:मतदाता सूची से मुस्लिमों का नाम कटवाना चाहती है भाजपा: ललई
शाहगंज स्थित एक निजी होटल में हुई प्रेस वार्ता
जौनपुर ( उत्तरशक्ति )। सपा के पूर्व ऊर्जा मंत्री शैलेंद्र यादव ललई ने शाहगंज स्थित एक निजी होटल में शनिवार की देर शाम एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री ने डीएम से बात करके इस पर अंकुश लगाने की मांग की है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि भाजपा प्रलोभन और धमकी देकर मतदाता सूची से मुस्लिमों का वोट कटवाना चाहती है। उन्होंने बताया कि भाजपा के लोग विधानसभा क्षेत्र के कानामऊ में नौकरी खा जाने, मुकदमा दर्ज करवाने या कार्रवाई की धमकी देकर मतदाता सूची से नाम कटवाना चाह रहे हैं लेकिन बीएलओ लालच में नहीं आए। यह भी कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता बोले कि सही हो या गलत मुसलमानों का नाम काटिए। बताया कि इसकी जानकारी जगह-जगह से अपनी पार्टी के लोगों से उन्हें मिली। उन्होंने कहा कि फॉर्म सात भरके हड़बड़ी में 17 फॉर्म ले गए जिस फार्म पर हस्ताक्षर भी नहीं थे। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि भाजपा कार्यकर्ता जाकर मुस्लिम मतदाताओं से सत्ता और ताकत की धौंस देकर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के उसरहटा और शेख अशरफपुर में एसआईआर मामले में एक बीएलओ की ऑडियो भी अपने पास होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि मतदाताओं के अनुसार प्रिंटेड फॉर्म भाजपा के लोगों द्वारा पहुंचा जा रहा है जिसमें न तो हस्ताक्षर हैं और न ही एपिक नंबर है। गांव के लोग जानकारी मिलने पर वोट बचाने के लिए बीएलओ से मिलने गए तो भोर में ही आकर आरोपी फॉर्म लेकर भागे। बीएलओ ने फार्म पर दस्तखत करने से इनकार किया। उन्होंने भाजपाइयों पर बड़ागांव में सौ से अधिक फॉर्म अवैध ढंग से देकर वोट काटने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि जब एसआईआर की पहली प्रक्रिया पूरी है तो इस पर आरोपियों के खिलाफ चोरी का मुकदमा लिखा जाना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष का पलटवार
पूर्व ऊर्जा मंत्री के आरोपों पर भाजपा के जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने पलटवार किया है। जिलाध्यक्ष ने पूर्व मंत्री के बयान को अनर्गल प्रलाप बताया। उन्होंने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं। कोई भी किसी के ऊपर आरोप लगा सकता है। बीएलओ जांच करके ही किसी का नाम मतदाता सूची से काट सकता है जिसका उन्हें प्रमाण देना होगा। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में उन सबने जो गलत काम किया है, इस सरकार में भी वैसी ही उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार में किसी भी कीमत पर गलत नहीं हो सकता। अगर फॉर्म सात के माध्यम से बीजेपी के लोग आपत्ति कर रहे हैं तो इससे पहले सपा के लोग बिना आपत्ति के ही पूरा नाम मतदाता सूची से उड़ा देते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले या तहसील से सपा की सरकार में मतदाताओं के नाम गायब हो जाते थे। उन्होंने बताया कि फार्म सात पर एपिक नंबर और नाम भी रहता है। आजकल सोशल मीडिया का दौर है, ऑनलाइन फॉर्म ही डाउनलोड हो जाता है। उन्होंने ऑडियो क्लिप के बयान पर कहा कि बीएलओ को निर्वाचन प्रक्रिया अथवा नामावली की कोई जानकारी नहीं है। उसे समस्या का निस्तारण जांच के बाद ही करना होगा। हस्ताक्षर के बाद ही उसकी रसीद देंगे। सपाई भी फार्म सात भरकर अवैध मतदाताओं का नाम कटवाने का आरोप लगा सकते हैं।








